सुकमा, 11 मई । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के सीमावर्ती ग्राम गुंडराजगुड़ेम में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। सुरक्षाबलों और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से गांव में ट्रांसफार्मर स्थापना और विद्युत लाइन विस्तार का कार्य पूरा कर सफलतापूर्वक विद्युत आपूर्ति शुरू की गई।
यह इलाका लंबे समय तक माओवादियों के प्रभाव वाला क्षेत्र रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य पूरी तरह बाधित थे। क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बाद अब प्रशासन लगातार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है। जिला पुलिस सुकमा और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाकर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की, जिससे विकास कार्यों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सका।
दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद विद्युत विभाग ने ट्रांसफार्मर स्थापित कर गांव तक बिजली पहुंचाई। बिजली पहुंचते ही ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए प्रशासन और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसरों में सुधार होगा तथा विकास की नई राह खुलेगी। गुंडराजगुड़ेम में बिजली पहुंचना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुकमा एसपी किरण चव्हाण का कहना है कि गुंडराजगुड़ेम जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बिजली पहुंचना केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के विश्वास की जीत है। जिला पुलिस, सीआरपीएफ और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से अब दूरस्थ गांव भी मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि बस्तर का हर गांव भय से नहीं, विकास और रोशनी से पहचाना जाए ।
