नई दिल्ली, 05 जुलाई। केंद्रीय विदेश और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह सोमवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर होने वाले दो दिवसीय वैश्विक संवाद (ग्लोबल डॉयलाग) में भाग लेने स्विट्जरलैंड जाएंगे। उनके साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 06 से 07 जुलाई तक इस वैश्विक संवाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इसी सम्मेलन में इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल (आईआईएसपीए) की एआई की क्षमताओं, उभरते अवसरों और जोखिमों का पहले स्वतंत्र वैज्ञानिक मूल्यांकन की सालाना रिपोर्ट पेश की जाएगी।
मंत्रालय ने बताया कि इस संवाद कार्यक्रम में एआई के सामाजिक-आर्थिक असर, एआई से जुड़ी असमानताओं को दूर करना, सुरक्षित और भरोसेमंद एआई, और एआई के संदर्भ में मानवाधिकार जैसे चार विषयों पर थीम आधारित चर्चा की जाएगी।
एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 79/325 के तहत बनाया गया एक वैश्विक बहु‑हितधारक मंच है। यह पहल सितंबर 2024 में ‘पैक्ट ऑफ द फ़्यूचर’ के हिस्से के रूप में अपनाए गए ‘ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट’ के बाद शुरू हुई। इसका उद्देश्य एआई के अंतरराष्ट्रीय नियमन को आगे बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय तथा बहु‑हितधारक प्रयासों को सहयोग देना है। यह संवाद स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल के साथ मिलकर काम करता है, जो वैज्ञानिक समझ, पारदर्शिता, जवाबदेही और मजबूत मानवीय निगरानी को बढ़ावा देता है। खासकर विकासशील देशों में क्षमता निर्माण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एआई सिस्टम सतत विकास की दिशा में उपयोग किए जा सकें।
अगस्त 2025 में अपनाए गए नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार, सह‑अध्यक्षों ने कई परामर्श बैठकें आयोजित कीं। इनमें इसी साल फरवरी में नई दिल्ली में हुए ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान आयोजित एक प्रत्यक्ष परामर्श भी शामिल है।
