नई दिल्ली, 06 जुलाई । दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली जिमखाना क्लब के परिसर को खाली करने के केंद्र सरकार के नोटिस के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी है। सोमवार को केंद्र सरकार ने याचिकाओं का जवाब देने के लिए समय देने की मांग की। जस्टिस अवनीश झींगन की बेंच ने इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं की सुनवाई 28 जुलाई को करने का आदेश दिया।
इस मामले में दो नई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। नई याचिकाएं दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्य विजय खुराना और क्लब स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन ने दायर की है।
पिछले हफ्ते भूमि और संपदा कार्यालय के इस्टेट अफसर ने दिल्ली जिमखाना क्लब को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार ने भी दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने के लिए अनुमति देने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
उच्च न्यायालय ने 26 मई को जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार की ओर से परिसर खाली करने के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र सरकार के नोटिस पर कोई भी अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। जस्टिस अवनीश झींगन की बेंच ने केंद्र सरकार की इस सूचना पर गौर किया था कि खाली करने की कोई भी कार्रवाई नोटिस जारी करने के बाद ही की जाएगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि जिमखाना क्लब को खाली करने की किसी भी कार्रवाई के पहले कानून के मुताबिक नोटिस जारी किया जाएगा। ये कहना सही नहीं है कि जिमखाना क्लब का प्रबंधन सरकार अपने हाथों में ले रही है। उसके बाद कोर्ट ने कहा था कि ऐसे में केंद्र के नोटिस पर रोक लगाने का कोई मतलब नहीं है।
दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र सरकार की ओर से परिसर खाली करने के नोटिस के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जिमखाना क्लब को नोटिस जारी कर उसके 27.3 एकड़ में फैले परिसर को 5 जून तक खाली करने का आदेश दिया है। याचिका दिल्ली जिमखाना क्लब के विजय खुराना ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि 22 मई को भूमि और विकास कार्यालय ने जिमखाना क्लब का परिसर खाली करने का आदेश दिया।
केंद्र सरकार ने कहा है कि जिमखाना क्लब प्रधानमंत्री आवास और दूसरे महत्वपूर्ण सुरक्षा ठिकानों के पास है। केंद्र सरकार ने कहा है कि रक्षा और दूसरे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए जिमखाना क्लब की भूमि की जरूरत है।
