केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को कोलकाता में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के स्मरणोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अमित शाह ने कहा कि बंगाल में राष्ट्रवादी सरकार बनने के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा का भूमि पूजन केवल एक प्रतिमा का शिलान्यास नहीं, बल्कि ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि जहां यह प्रतिमा बनेगी, वहीं भारत की सुरक्षा पर शोध करने वाला ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट’ भी स्थापित किया जाएगा।
डॉ. मुखर्जी के योगदान को किया याद
अमित शाह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर को भारत से जोड़ने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया और नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि आजाद भारत की नीतियों में भारत की मिट्टी की सुगंध होनी चाहिए। शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने डॉ. मुखर्जी की जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर उनका सम्मान किया है और इसके लिए राज्य सरकार बधाई की पात्र है।
जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा का उल्लेख
गृह मंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ के रूप में जो बीज बोया था, वह आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आधुनिक भारत के निर्माण का जो विचार डॉ. मुखर्जी ने दिया था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ भारत की संस्कृति का ध्वज पूरी दुनिया में ऊंचा लहराने का लक्ष्य रखा गया है।
अनुच्छेद 370 और सीएए का किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे’ का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू कर शरणार्थी हिंदुओं को नागरिकता देने का काम भी पूरा किया गया है और अब भारत की भूमि से एक-एक घुसपैठिए को चिन्हित कर बाहर निकाला जाएगा।
राष्ट्रवादी विचारधारा को बताया प्रेरणा स्रोत
गृह मंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, अखंड भारत और ‘विकास भी, विरासत भी’ जैसे सभी राष्ट्रवादी विचारों की एक ही गंगोत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने विचारों को हमेशा बेबाकी से रखा और उनकी विचारधारा आज पूरे देश को प्रेरित कर रही है।
बंगाल सरकार के फैसलों का किया उल्लेख
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद कई चुनावी वादों को पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा योजना, उज्ज्वला 3.0, महिलाओं और छात्राओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, लखपति दीदी मिशन, आयुष्मान भारत योजना और उत्तर बंगाल में कैंसर अस्पताल का निर्माण शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जांच के लिए समिति गठित की गई है और रिपोर्ट आने के बाद गरीबों का लूटा गया एक-एक पैसा वापस लिया जाएगा।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल 2026’ पारित कर गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में पहला कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का जताया भरोसा
अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार तेजी से घोषणा-पत्र के वादों को लागू कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पांच वर्षों के भीतर सरकार अपने सभी वादे पूरे करेगी और ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण की मजबूत नींव रखेगी। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल, कश्मीर और असम को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन लंबे समय तक उनके सम्मान में कोई भव्य स्मारक नहीं बनाया गया। अब उनकी स्मृति में बनने वाला स्मारक आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
