जुलाई माह में कैप्टिव और कमर्शियल खदानों से कोयले का उत्पादन 14.78 मिलियन टन (एमटी) रहा, जबकि कोयले की आपूर्ति 17.49 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गई। कोयला मंत्रालय ने बताया कि पिछले वर्ष जुलाई की तुलना में इस वर्ष जुलाई में कोयले के उत्पादन में 9.61 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।
मंत्रालय ने कहा कि यह प्रदर्शन कैप्टिव और कमर्शियल कोयला खनन क्षेत्र में परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार, खनन उत्पादकता में वृद्धि और खनन क्षमताओं के अधिक प्रभावी उपयोग को दर्शाता है। मंत्रालय ने आगे कहा कि कैप्टिव और कमर्शियल खानों से उत्पादन में निरंतर वृद्धि से आयातित कोयले पर निर्भरता कम होने, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ने, बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत होने और सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
