काठमांडू, 04 अक्टूबर । चीन के राजदूत चांग माओमिंग सहित सात सदस्यीय दल कोरला नाका होते हुए शनिवार को ऊपरी मुस्तांग के लोमान्थांग पहुंचा। व्यापारा नाका खोलने के संबंध में नेपाल के अधिकारियों ने चीन के राजदूत के साथ बैठक की है।
नेपाल के उत्तरी सीमा नाके बाढ़ और भूस्खलन के कारण बाधित हो गए हैं। उन्हें फिर से संचालित करने की पहल की जा रही है। इससे पहले चीनी दूतावास की पहल पर सरकारी अधिकारियों सहित एक दल ने सिंधुपालचोक के तातोपानी नाके तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया था।
इसके बाद अधिकारियों ने मुस्तांग के कोरला नाके तक की स्थिति का भी जायजा लेने और दोनों नाकों की स्थिति के आधार पर यह तय करने की बात कही थी कि किस सीमा नाके को पहले संचालित किया जाए।
राजदूत चांग माओमिंग कोरला नाके की मौजूदा स्थिति और वहां की समग्र परिस्थितियों की जानकारी लेने के उद्देश्य से ऊपरी मुस्तांग पहुंचे हैं। मुस्तांग की प्रमुख जिला अधिकारी अजिता शर्मा ने बताया कि चीनी राजदूत कोरला नाका होते हुए मुस्तांग पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “चीनी राजदूत कोरला नाके से मुस्तांग आए हैं। उनके दौरे के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है। उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है और वे कोरला नाके से लोमान्थांग पहुंचकर ठहरे हुए हैं।”
जिला पुलिस कार्यालय के पुलिस निरीक्षक संतोष बस्याल के अनुसार, नेपाल के लिए चीन के राजदूत तीन दिवसीय मुस्तांग दौरे पर लोमान्थांग पहुंचे हैं। उनके साथ पांच चीनी अधिकारी और नेपाल स्थित चीनी दूतावास के दो कर्मचारी भी हैं। पुलिस निरीक्षक बस्याल के मुताबिक, कोरला नाका होते हुए मुस्तांग पहुंचा यह दल लोमान्थांग स्थित होटल मंडला में ठहरा है। दल के लोमान्थांग से जोमसोम जाने का भी कार्यक्रम है।
लोमान्थांग ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष टसी नर्बु गुरूंग ने बताया कि नेपाल-चीन के उत्तरी कोरला नाके के रास्ते चीनी राजदूत का यह पहला उच्चस्तरीय दौरा है। उनके अनुसार, कोरला नाके को पूरी तरह खोलने और सीमा क्षेत्र की समग्र स्थिति की निगरानी के उद्देश्य से राजदूत मुस्तांग पहुंचे हैं। बाढ़ के कारण रसुवागढ़ी-केरुंग सीमा नाका पूरी तरह बंद है। इसी तरह चीन की ओर जाने वाला तातोपानी नाका भी पूरी तरह बंद है। ऐसे समय में चीनी राजदूत का मुस्तांग दौरा स्थानीय जानकारों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
