मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में आज भी गतिरोध बना रहा। इस मुद्दे पर विपक्ष के शोर शराबे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
लोकसभा में आज सदन की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस, डीएमके, जनता दल यूनाइटेड और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आ गए। यह लोग मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग कर रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल संचालित करने की कोशिश की और विरोध कर रहे सदस्यों से सदन चलने देने का बार-बार अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि केवल चर्चा से ही मुद्दों का समाधान हो सकता है नारेबाजी से नहीं। सदन में हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में पहले स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्रवाई चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार से प्रश्नों का उत्तर लेने के लिए प्रश्नकाल बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। विपक्षी सदस्यों का विरोध फिर भी जारी रहा। कांग्रेस के मुकुल वासनिक ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग दोहराई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मणिपुर पर अन्य सभी कार्य छोडकर नियम 267 के अंतर्गत चर्चा होनी चाहिए। इस पर सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध दुर्भाग्यपूर्ण है और गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर हिंसा पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। श्री गोयल ने यह भी कहा कि भाजपा सदस्यों ने भी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार ही दुर्भाग्यपूर्ण है और इन पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सदन में चर्चा नहीं होने दे रहा। श्री गोयल ने कहा कि विपक्ष महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर संवेदनशील नहीं है। शोर शराबे के बीच सभापति ने प्रश्नकाल संचालित करने की कोशिश की जो सफल नहीं हुई और सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले आज सवेरे सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति ने बताया कि उन्हें मणिपुर हिंसा पर नियम 267 के अंतर्गत चर्चा के लिए विपक्षी दलों को नोटिस प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने भी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध के बारे में नोटिस भेजे हैं। सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस के पी चिदंबरम का आग्रह था कि सभी अन्य कार्य छोडकर नियम 267 के तहत मणिपुर पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए और यह चर्चा नियम 176 के तहत नहीं होनी चाहिए, जिसमें चर्चा की समय सीमा है। तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, डीएमके, वामपंथी दल, राष्ट्रीय जनता दल और अन्य विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
