कोलकाता, 25 अगस्त । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि हम पश्चिम बंगाल के सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार राज्य के सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार को पश्चिम बंगाल के लोगों के लाभ के लिए आयुष्मान भारत को जमीनी स्तर पर लागू करना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं उच्चतम गुणवत्ता वाली हों।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मंडाविया ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम), टेलीमेडिसिन सेवाओं और सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की। डॉ. मंडाविया ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र लोगों को उनके घरों के पास व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की एक शानदार पहल है।
डॉ. मंडाविया ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पश्चिम बंगाल को कई संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। 288.72 करोड़ की लागत से 800 उपकेन्द्र स्वीकृत किये गये हैं। 27.75 करोड़ की लागत से दो शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत हैं। 10 करोड़ रुपये की लागत से और 37 नए शहरी पीएचसी बनेंगे। 404 आयुष्मान भारत शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जारी धन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार 2025 तक तपेदिक को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जारी धन का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए।
