मुंबई: शरद पवार से बगावत कर अजित पवार के साथ महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद हासिल करने वाले एनसीपी नेता छगन भुजबल ने रविवार को एक बड़ा खुलासा किया है। भुजबल ने कहा कि सत्ता में शामिल होने से पहले शरद पवार ने ही हमें इस बारे में मार्गदर्शन दिया था कि हमें बीजेपी से किन मुद्दों पर बात करनी चाहिए और किन मुद्दों पर स्थिति साफ कर लेनी चाहिए। भुजबल के इस बयान से एक बार फिर इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि एनसीपी में अजित पवार की बगावत शरद पवार की सहमति से हुई है? हालांकि शरद पवार कई बार कह चुके हैं कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ नहीं जाएगी] क्योंकि बीजेपी की नीतियां उनके सिद्धांतों से मेल नहीं खाती।
अजित पवार की बगावत के बाद से लेकर अब तक यह भी अधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अजित के साथ कितने विधायक हैं, लेकिन रविवार को छगन भुजबल ने कहा कि शरद पवार और अजित पवार को मिलाकर एनसीपी के जो 54 विधायक हैं। उन सभी ने बीजेपी के साथ जाने की सहमति पर हस्ताक्षर किए हैं।
‘बुजुर्गों को कहा जाता है उम्र हो गई है, खुद को संभालो’
भुजबल ने अजित पवार के शरद पवार को रिटायर हो जाने की सलाह देने वाले बयान पर भी अजित पवार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि शरद पवार के लिए अजित बेटे के समान हैं। हर घर में बुजुर्गों से कहा जाता है कि अब उम्र हो गई है। खुद को संभालो, सेहत की चिंता करो। तो इसमें अजित पवार ने गलत क्या कहा?
