प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक कपड़ा निर्यात को मौजूदा तीन लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर नौ लाख करोड़ रुपये करना है। रविवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत टेक्स 2025 में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि पिछले साल देश के कपड़ा और परिधान निर्यात में सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत आज छठा सबसे बड़ा कपड़ा और परिधान निर्यातक है। उन्होंने कहा कि भारत उच्च श्रेणी के कार्बन फाइबर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार कपड़ा क्षेत्र के लिए कुशल प्रतिभा पूल बनाने पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता देश के विभिन्न भागों से आने वाले वस्त्रों में झलकती है। श्री मोदी ने कहा कि फार्म, फाइबर, फैब्रिक, फैशन और फॉरेन का विजन एक मिशन बन गया है जो भारत के विकास के क्षेत्रों का विस्तार कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारतीय दूसरे देशों के सुझाए कपड़े पहनते थे लेकिन अब भारत दुनिया को बताएगा कि क्या पहनना है। उन्होंने यह भी कहा कि हथकरघा कारीगरों का कौशल दुनिया तक पहुंचना चाहिए और उनकी क्षमताएं और अवसर भी बढ़ने चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए 2,400 से अधिक बड़े विपणन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
श्री मोदी ने प्रदर्शनी स्थल का भी दौरा किया और प्रदर्शकों से बातचीत की। भारत टेक्स 2025, एक प्रमुख वैश्विक कार्यक्रम है, जो 14 से 17 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पादों, सहायक उपकरण सहित संपूर्ण कपड़ा मूल्य श्रृंखला को एक छत के नीचे लाता है। भारत टेक्स प्लेटफ़ॉर्म कपड़ा उद्योग का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक कार्यक्रम है, जिसमें दो स्थानों पर फैला एक मेगा एक्सपो शामिल है, और संपूर्ण कपड़ा पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन किया जाता है।
