विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जोर देकर कहा है कि वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति कठिन बनी हुई है और उन्होंने संकेन्द्रित आपूर्ति श्रृंखलाओं, व्यापार और वित्त के शस्त्रीकरण तथा डेटा प्रवाह की पारदर्शिता पर चिंता व्यक्त की। कल दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में बोलते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि एआई और ईवी, अंतरिक्ष, ड्रोन या ग्रीन हाइड्रोजन पर अलग-अलग प्रगति के स्पष्ट भू-राजनीतिक निहितार्थ हैं।
उन्होंने वैश्विक घाटे को कम करने के लिए अधिक बहुलवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्वयं कम अपारदर्शी या एकतरफा होना चाहिए और वैश्विक एजेंडे को कुछ लोगों के हितों तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए, विवाद संघर्ष नहीं बनने चाहिए और संघर्षों से बड़ी टूटन नहीं होनी चाहिए। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि भारत गाजा युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि लेबनान में युद्ध विराम बनाए रखना और सीरिया के नेतृत्व में, सीरिया के स्वामित्व वाला समावेशी समाधान सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशियाई क्षेत्र में शांति और स्थिरता पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। यूक्रेन संघर्ष के बारे में डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत ने हमेशा बातचीत और कूटनीति की वकालत की है।
