सरकार ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के खिलाफ कई कदम उठा रही है और अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक खुला, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री और यौन रूप से स्पष्ट कृत्यों वाली सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने पर दंड का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि आईटी अधिनियम में इलेक्ट्रॉनिक रूप में बच्चों को यौन रूप से स्पष्ट कृत्यों में चित्रित करने वाली सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने पर भी कड़ी सजा का प्रावधान है।
आईटी नियमों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया मध्यस्थों सहित मध्यस्थों को उचित सावधानी बरतनी होगी, जिसमें 24 घंटे के भीतर ऐसी कोई भी सामग्री हटाना शामिल है जो प्रथम दृष्टया किसी व्यक्ति के निजी क्षेत्र को उजागर करती हो, ऐसे व्यक्ति को पूर्ण या आंशिक नग्नता में दिखाती हो या ऐसे व्यक्ति को किसी यौन कृत्य या आचरण में दिखाती या चित्रित करती हो। मंत्री ने देश में साइबर अपराधों से निपटने के तंत्र पर भी प्रकाश डाला।
