प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में 33 हजार 700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। बिलासपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि इन पहलों से हजारों नौकरियां पैदा होंगी और राज्य के आर्थिक विकास में तेजी आएगी।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ये परियोजनाएं उनकी सरकार के बुनियादी ढांचे के विस्तार, आवास, शिक्षा और ग्रामीण सशक्तिकरण के व्यापक एजेंडे के अनुरूप हैं।
श्री मोदी ने कहा कि परियोजनाओं का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के लिए केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है तथा राज्य को राष्ट्रीय विकास पहलों के प्रमुख लाभार्थी के रूप में स्थापित करता है।
प्रधानमंत्री द्वारा अनावरण की गई परियोजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन लाख नए घर, स्मार्ट कक्षाओं और आधुनिक प्रयोगशालाओं से सुसज्जित 130 पीएम-एसएचआरआई स्कूल, क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए 540 किलोमीटर लंबी पेट्रोलियम पाइपलाइन और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क में सुधार के उद्देश्य से ग्रामीण सड़कों का एक व्यापक नेटवर्क शामिल हैं।
श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि छत्तीसगढ़ में प्रत्येक परिवार, विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर आजीविका के अवसरों तक पहुंच हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं छत्तीसगढ़ को भारत की आर्थिक मुख्यधारा में एकीकृत करने के बड़े प्रयास का हिस्सा हैं, जिससे औद्योगिक और शैक्षिक केंद्रों को बढ़ावा देकर खनन और कृषि पर इसकी ऐतिहासिक निर्भरता कम होगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए श्री मोदी ने कांग्रेस पर भर्ती घोटाले, कुशासन और ठप्प पड़े विकास परियोजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के युवाओं को निराश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में भ्रष्टाचार व्याप्त था, भर्ती परीक्षाएं प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित थीं और गरीबों के लिए निर्धारित सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा था।
