राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ईद-उल-फितर की पूर्व संध्या पर सभी नागरिकों, विशेषकर भारत और विदेशों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के दौरान उपवास और प्रार्थना के समापन का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह त्योहार भाईचारे, सहयोग और करुणा की भावना को मजबूत करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह त्योहार सामाजिक बंधनों को भी बढ़ावा देता है, जिससे सामंजस्यपूर्ण, शांतिपूर्ण और समृद्ध समाज के निर्माण को प्रोत्साहन मिलता है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह त्योहार सभी के लिए शांति, प्रगति और खुशी लाएगा और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की ताकत प्रदान करेगा।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ईद-उल-फितर की पूर्व संध्या पर नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ईद सांस्कृतिक विविधता से प्राप्त शक्ति और व्यक्तियों को एकजुट करने वाले सामान्य बंधनों की याद दिलाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस पवित्र दिन का सार केवल उत्सव मनाने से कहीं बढ़कर है, यह एकता, करुणा और आपसी सम्मान के संवैधानिक आदर्शों को दर्शाता है, जो देश के विविधतापूर्ण लोकतंत्र के लिए आधारभूत हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईद की भावना लोगों को उन मूल्यों के प्रति फिर से प्रतिबद्ध होने के लिए प्रेरित करेगी जो देश के आगे के मार्ग का मार्गदर्शन करते हैं और लोगों को एक उल्लेखनीय, लचीले राष्ट्र के रूप में एकजुट करते हैं।
