महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा है कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के गोद लेने के तंत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसमें रिकॉर्ड 4,515 बच्चों को गोद लिया गया है। यह पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है। कुल संख्या में से 4,155 घरेलू गोद लेने के मामले थे, जो देश में कानूनी गोद लेने की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने भी 8 हज़ार से अधिक नए पहचाने गए बच्चों को गोद लेने के पूल में शामिल किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ज़रूरतमंद बच्चों को प्यार करने वाले परिवार मिलें। मंत्रालय ने आगे कहा कि गोद लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए राज्य सरकारों के समन्वय में पूरे देश में 245 नई गोद लेने वाली एजेंसियां स्थापित की गईं।
