केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज विश्व की विशिष्ट कुशल जनशक्ति आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत में एक कौशल प्रशिक्षण मंच की स्थापना का आह्वान किया।
नई दिल्ली में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) सम्मेलन 2025 को संबोधित करते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा कि भारत इस गलियारे में कुशल जनशक्ति प्रदान करके अपने युवा जनसांख्यिकीय लाभांश को अधिकतम कर सकता है। उन्होंने कहा कि भाग लेने वाले देश भारतीय विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम स्थापित कर सकते हैं और आपसी कौशल प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ऐसे कार्यक्रम न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे बल्कि अपने बड़े प्रवासी समुदाय के विस्तार के माध्यम से भारत की सॉफ्ट पावर को भी बढ़ाएंगे।
आईएमईसी कॉन्क्लेव 2025 में बोलते हुए डॉ. मंडाविया ने प्रतिभागियों और पैनलिस्टों से भारत और इस आर्थिक गलियारे के देशों के बीच व्यापक संपर्क के माध्यम से भू-राजनीतिक परिवर्तनों पर विचार-विमर्श करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव न केवल आर्थिक सहयोग बल्कि विरासत और सांस्कृतिक विकास के लिए भी अवसर प्रदान करता है।
