केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस बात पर जोर दिया है कि बंदरगाहों के विकास, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और मैत्री जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ भारत एक आधुनिक समुद्री क्रांति ला रहा है। कल नई दिल्ली में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए, श्री सोनोवाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आईएमईसी वैश्विक कनेक्टिविटी में एक गेम-चेंजर है। उन्होंने कहा कि आईएमईसी टिकाऊ और सुरक्षित व्यापार मार्गों के माध्यम से भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच संपर्क को मजबूत कर रहा है। उन्होंने आगे रेखांकित किया कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के महा-सागर विजन के तहत, सरकार भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और डेटा को एकीकृत कर रही है, जो सभी क्षेत्रों में विकास, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा दे रही है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार देशों के बीच संबंधों को मजबूत कर रही है ताकि न्यायसंगत और संतुलित मुक्त व्यापार समझौते स्थापित किए जा सकें। मंत्री ने यह भी बताया कि ओमान के साथ पहले से ही बातचीत चल रही है और कुछ और समझौते पाइपलाइन में हैं।
