केंद्रीय शिक्षुता परिषद ने राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना-एनएपीएस और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना-एनएटीएस के तहत युवाओं को दिए जाने वाले वजीफे में 30 प्रतिशत की वृद्धि की सिफारिश की है।
यह निर्णय नई दिल्ली में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित परिषद की 38वीं बैठक में लिया गया।
एक बार अधिसूचना जारी हो जाने पर इन दोनों योजनाओं के तहत वजीफा मौजूदा 5 हजार और 9 हजार से बढ़कर 6 हजार 800 और 12 हजार 300 हो जाएगा।
इस सिफारिश का उद्देश्य ड्रॉपआउट दरों को कम करना और विभिन्न क्षेत्रों में अधिक उम्मीदवारों को आकर्षित करना है। बैठक में भारत के उभरते प्रशिक्षुता परिदृश्य की भी समीक्षा की गई और परिणाम को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुधारों पर चर्चा की गई।
अपने संबोधन में श्री जयंत चौधरी ने कहा कि प्रशिक्षुता केवल कौशल प्रदान करने का तंत्र नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा सेतु है जो शिक्षा, उद्योग और रोजगार को जोड़ता है, विशेषकर ग्रामीण युवाओं के लिए।
उन्होंने कहा कि एनएपीएस और एनएटीएस को मजबूत कानूनी ढांचे द्वारा समर्थित करते हुए मंत्रालय इस प्रणाली में सक्रिय रूप से सुधार कर रहा है ताकि इसे अधिक समावेशी, उत्तरदायी और आकांक्षापूर्ण बनाया जा सके।
