भारत ने विभिन्न देशों का दौरा करके तथा आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता के नई दिल्ली के संदेश को फैलाकर, वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के प्रति पाकिस्तान के समर्थन को उजागर करना जारी रखा।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण अमेरिकी देश ‘गुयाना’ का दौरा किया।
मीडिया को जानकारी देते हुए डॉ. थरूर ने कहा कि गुयाना ने आतंकवादी हमलों से स्वयं की रक्षा करने तथा प्रभावी ढंग से जवाब देने के भारत के अधिकार का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि गुयाना भारत के लिए विशेष महत्व रखता है, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान सदस्य के रूप में, जहां अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर वैश्विक प्रतिक्रियाओं को आकार देने में इसकी आवाज प्रभावशाली है।
श्री थरूर ने बताया कि देश को गुयाना सरकार से पूर्ण सहानुभूति और बिना शर्त समर्थन मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद गुयाना के राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद मानव गरिमा के हर पहलू के खिलाफ हैं और गुयाना हर रूप में इसे अस्वीकार करता है।
उन्होंने गुयाना के संसद अध्यक्ष श्री मंजूर नादिर से भी मुलाकात की और ऑपरेशन सिंदूर तथा आतंकवाद के खिलाफ भारत की सतत लड़ाई के बारे में चर्चा की।
जेडी(यू) सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में एक अन्य सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के वरिष्ठ विदेश एवं गृह राज्य मंत्री के साथ बैठक की।
प्रतिनिधिमंडल ने पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद हाल के घटनाक्रमों पर भारत की स्थिति से अवगत कराया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और भारत की आतंकवाद-रोधी नीति में उभरती “नई सामान्य स्थिति” शामिल थी।
