जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक नई दिल्ली में चल रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता कर रही हैं। परिषद द्वारा भारत के अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों पर विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है, जिसमें कर दरों को युक्तिसंगत बनाना और अनुपालन को सरल बनाना शामिल है। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री इस बैठक में भाग ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया था कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) से देश को कितना फ़ायदा हुआ है। श्री मोदी ने जीएसटी के तहत अगली पीढ़ी के सुधारों के महत्व पर ज़ोर दिया था, जिससे आम आदमी, किसानों, मध्यम वर्ग और एमएसएमई को राहत मिलेगी। अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का अनावरण दिवाली पर किया जाएगा, जिससे ज़रूरी वस्तुओं पर कर कम होंगे और स्थानीय विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए, केंद्र सरकार ने पिछले महीने हुई मंत्रिसमूह की बैठक में जीएसटी में महत्वपूर्ण सुधारों का प्रस्ताव रखा है। ये सुधार तीन स्तंभों, अर्थात् संरचनात्मक सुधार, दरों को युक्तिसंगत बनाना और जीवन को सुगम बनाना, पर केंद्रित होंगे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने समावेशी विकास और देश भर में व्यापार सुगमता को बढ़ाने के लिए जीएसटी को एक सरल, स्थिर और पारदर्शी कर प्रणाली के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
