प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार कल नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगे। आज शाम राष्ट्र को संबोधित करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि जीएसटी बचत उत्सव कल से शुरू होगा और लोग अपनी पसंद का सामान कम कीमत पर खरीद सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से देश की विकास गाथा बदलेगी और युवाओं, नव मध्यम वर्ग, किसानों, महिलाओं, दुकानदारों, व्यापारियों और उद्यमियों को इस बचत उत्सव से बहुत लाभ होगा। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि राष्ट्र के विकास की यात्रा में प्रत्येक राज्य समान भागीदार होगा। उन्होंने अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों, बचत उत्सव और नवरात्रि के लिए राष्ट्र को शुभकामनाएं दीं और कहा कि राष्ट्र नवरात्रि के पहले दिन से ही आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिक और व्यापारी दशकों से चुंगी, प्रवेश कर, बिक्री कर, उत्पाद शुल्क, वैट और सेवा कर सहित करों के जटिल जाल में उलझे हुए थे। उन्होंने बताया कि एक शहर से दूसरे शहर में माल ले जाने के लिए कई जाँच चौकियों को पार करना पड़ता था, कई फ़ॉर्म भरने पड़ते थे और हर स्थान पर अलग-अलग कर नियमों के जाल से गुजरना पड़ता था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कर प्रणाली को सरल बनाया है। उन्होंने बताया कि 2014 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने राज्यों और हितधारकों के साथ परामर्श करने के बाद जीएसटी को प्राथमिकता दी थी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के प्रयासों से दर्जनों कर समाप्त कर दिए गए। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि नए ढांचे के तहत, मुख्य रूप से केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के कर स्लैब ही रहेंगे। उन्होंने खाद्य पदार्थों, दवाओं, साबुन, टूथब्रश, टूथपेस्ट, स्वास्थ्य और जीवन बीमा सहित कई वस्तुओं और सेवाओं को सूचीबद्ध किया जो या तो कर-मुक्त होंगी या केवल 5 प्रतिशत कर आकर्षित करेंगी। उन्होंने पुष्टि की कि वन नेशन-वन टैक्स का सपना साकार हुआ है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त करके कर राहत का तोहफ़ा दिया है, जिससे मध्यम वर्ग को काफ़ी आसानी और सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि नव मध्यम वर्ग की अपनी आकांक्षाएँ हैं और उन्होंने उनके कर बोझ को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों से गरीबों, नव मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को दोहरा लाभ मिला है और अब उन्हें उपकरणों और वाहनों पर कम पैसे खर्च करने होंगे। उन्होंने आगे कहा कि होटलों की कीमतों में कमी आने से पर्यटन भी किफायती होगा।
श्री मोदी ने जीएसटी सुधारों के प्रति दुकानदारों की प्रतिक्रिया पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुकानदार जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कई जगहों पर सुधारों से पहले और बाद में कीमतों की तुलना करने वाले बोर्ड प्रमुखता से लगाए जा रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार नागरिक देवो भवः के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने भारत में विनिर्माण को भी ज़ोरदार बढ़ावा दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत का विनिर्माण क्षेत्र गरिमा और उत्कृष्टता के साथ सभी मानदंडों को पार करे, और भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता देश की वैश्विक पहचान और प्रतिष्ठा को बढ़ाए।
प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि हर घर स्वदेशी का प्रतीक बने और हर दुकान स्वदेशी वस्तुओं से सजी हो। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अपने क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अभियानों का सक्रिय समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे, तो आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
