अमेरिकी प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश की संवैधानिकता की समीक्षा करने का अनुरोध किया है जिसमें जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने की बात कही गई है। इस साल यह मुद्दा दूसरी बार न्यायाधीशों के समक्ष उठाया गया है। एक सदी से भी ज़्यादा समय से यह मान्यता रही है कि 14वां संशोधन संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे लोगों को नागरिकता प्रदान करता है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एक अपील में कहा कि यह धारणा ग़लत है और यह दृष्टिकोण ‘व्यापक हो गया है, जिसके विनाशकारी परिणाम हो रहे हैं।’
न्याय विभाग ने निचली अदालत के उन फैसलों के खिलाफ दो अपीलें दायर कीं, जिनमें ट्रंप के जन्मजात नागरिकता संबंधी कार्यकारी आदेश को रोक दिया गया था। इस आदेश पर उन्होंने जनवरी में पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन हस्ताक्षर किए थे, जो आव्रजन के प्रति उनके सख्त रुख का एक अहम हिस्सा था। विभाग ने अपीलों में लिखा है कि निचली अदालत के फैसलों ने राष्ट्रपति और उनके प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नीति को इस तरह से अमान्य कर दिया है जिससे देश की सीमा सुरक्षा को नुकसान पहुँचता है।
विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह अगले महीने की 6 तारीख से शुरू हो रहे अपने नए कार्यकाल में इस मामले को उठाए और उसका निपटारा करे। राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश में संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया था कि वे अमेरिका में जन्मे उन बच्चों की नागरिकता को मान्यता न दें जिनके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी (जिसे ग्रीन कार्ड धारक भी कहा जाता है) न हो। उनके इस कदम के खिलाफ कई मुकदमे दायर किए गए, जिनमें अन्य बातों के अलावा यह तर्क दिया गया कि यह आदेश संविधान के 14वें संशोधन में निहित उस अधिकार का उल्लंघन करता है जो यह प्रावधान करता है कि अमेरिका में जन्मा कोई भी व्यक्ति नागरिक है।
