उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसएफ) द्वारा आयोजित टूरिज्म लीडरशिप समिट-2026 का उद्घाटन किया। सभा को संबोधित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि पर्यटन एक उद्योग से कहीं अधिक है और यह संस्कृतियों के बीच एक सेतु और आर्थिक अवसरों का चालक है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सॉफ्ट डिप्लोमेसी का एक शक्तिशाली साधन और भारत-अमेरिका आर्थिक गलियारे का एक प्रमुख स्तंभ है। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यात्री अनुभव, प्रामाणिकता, स्थिरता, संस्कृति, विरासत, स्वास्थ्य और सार्थक जुड़ाव की तलाश करते हैं
श्री राधाकृष्णन ने कहा कि पर्यटन रोजगार पैदा करने वाले सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र के समावेशी और सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए कौशल, उद्यमिता और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों में निवेश करने पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति ने यह भी बताया कि भारत ने पर्यटन विजन 2029 का अनावरण किया है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक राज्य में मजबूत बुनियादी ढांचे, निर्बाध कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाओं और टिकाऊ प्रथाओं के साथ कम से कम एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करना है। श्री राधाकृष्णन ने आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पर्यटक सुविधाओं और व्याख्या केंद्रों को उन्नत करने, अंतिम मील कनेक्टिविटी, टिकाऊ पर्यटन प्रथाओं और स्थलों के बारे में डिजिटल स्टोरीटेलिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पर्यटन को पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने पर्यटन को सुगम बनाने और पर्यटक अनुभव को सुव्यवस्थित करने के लिए बहुभाषी डिजिटल गाइड और पूर्वानुमानित भीड़ प्रबंधन जैसे एआई-संचालित समाधानों को एकीकृत करने का आह्वान किया।
