नई दिल्ली, 08 अप्रैल। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले के आरोपित क्रिश्चियन मिशेल की भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए प्रत्यर्पण संधि को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिका खारिज करने का आदेश दिया।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए प्रत्यर्पण संधि को चुनौती देने वाली मिशेल की ये दूसरी याचिका थी। इसके पहले 17 नवंबर, 2025 को उच्च न्यायालय ने मिशेल की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। याचिका में मिशेल ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात से हुई प्रत्यर्पण संधि को भारतीय संसद द्वारा बनाए गए प्रत्यर्पण कानून के अधीन घोषित करने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि भारतीय प्रत्यर्पण कानून की धारा 21 के तहत किसी प्रत्यर्पित व्यक्ति के खिलाफ किसी दूसरे आरोपों के मामले पर मामला नहीं चलाया जा सकता है।
याचिका में कहा गया था कि संयुक्त अरब अमीरात के प्राधिकार की ओर से जारी प्रत्यर्पण आदेश का उल्लंघन कर भारतीय दंड संहिता की धारा 467 के तहत नए आरोप लगाए गए हैं। मिशेल की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा था कि नए आरोप लगाना देश के प्रत्यर्पण कानून का उल्लंघन है। मिशेल ने कहा था कि उसके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं उसकी अधिकतम सजा वो भुगत चुका है। अधिकतम सजा के बाद भी उसे हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21, 245 और 253 का उल्लंघन है।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर, 2025 को मिशेल को रिहा करने की मांग खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि मिशेल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 467 लगाई गई है जिसमें उम्रकैद का प्रावधान है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि उसने अपनी अधिकतम सजा पूरी कर ली है। सुनवाई के दौरान ईडी ने मिशेल की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात से हुई प्रत्यर्पण संधि की धारा 17 के मुताबिक अगर कोई आरोपित प्रत्यर्पित किया जाता है तो उस पर न केवल वही मुकदमा चलेगा जिसके लिए उसे प्रत्यर्पित किया गया है बल्कि दूसरे संबंधित मुकदमें भी चल सकते हैं।
मिशेल को अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों के मामले में जमानत मिल चुकी है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 मार्च, 2025 को मिशेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी थी। सीबीआई से जुड़े मामले में मिशेल को उच्चतम न्यायालय पहले ही जमानत दे चुका है।
दरअसल, अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के मामले में 3600 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई के मुताबिक मिशेल ने इस घोटाले की कुछ रकम 2010 के बाद हासिल की और कुछ 2010 के बाद। 3600 करोड़ रुपये के इस घोटाले में ईडी ने मिशेल को जनवरी 2019 में गिरफ्तार किया था। मिशेल को दुबई से प्रत्यर्पित कर 4 दिसंबर, 2018 को भारत लाया गया था। 23 अक्टूबर, 2020 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दायर पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। चार्जशीट में 13 को आरोपित बनाया गया है। 19 सितंबर, 2020 को सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में क्रिश्चियन मिशेल, राजीव सक्सेना, अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल के डायरेक्टर जी सापोनारो और वायु सेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी के रिश्तेदार संदीप त्यागी समेत 13 को आरोपित बनाया गया है।
