नई दिल्ली, 11 मई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को अपना घर आश्रम और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा भारती के संयुक्त अभियान “बेसहारे को सहारा” का आरंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य सड़कों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर बेसहारा, बीमार और जीवन से निराश लोगों को राहत, उपचार और आश्रय उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए प्रभुजनों को लेकर जा रही एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर अपना घर आश्रम के लिए रवाना किया।
कार्यक्रम के मीडिया संयोजक प्रोफेसर महेश वर्मा ने बताया कि “पीड़ित मुक्त दिल्ली” के संकल्प के साथ यह अभियान 11 मई से 15 मई तक दिल्ली के सभी जिलों में चलाया जाएगा। इसके तहत मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, चर्चों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर उन लोगों की पहचान की जाएगी, जो गंभीर बीमारी, भूख, मानसिक अस्थिरता या सामाजिक उपेक्षा का शिकार होकर असहाय अवस्था में जीवन बिता रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई लोग मल-मूत्र से सने हुए शरीर में कीड़े पड़ जाने जैसी अत्यंत दयनीय स्थिति में मिलते हैं। ऐसे लोगों को “प्रभुजन” मानकर अपना घर आश्रम द्वारा उनकी सेवा, चिकित्सा और देखभाल की जाएगी। अभियान के लिए आश्रम की 20 से अधिक एम्बुलेंस और सैकड़ों सेवा साथी तैनात किए गए हैं।
जनसहयोग की अपील करते हुए आश्रम ने कहा है कि यदि किसी को कहीं भी बेसहारा व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना हेल्पलाइन पर देकर गूगल लोकेशन साझा करें, ताकि तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
इस अभियान में दिल्ली सरकार का समाज कल्याण विभाग भी सक्रिय सहयोग कर रहा है। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने भी सभी थाना क्षेत्रों को अभियान के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपना घर आश्रम के कार्यों की सराहना करते हुए एक करोड़ रुपये की सहयोग राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि मानवता और सेवा की यह भावना समाज को नई दिशा देने वाली है तथा राजधानी दिल्ली से शुरू हुआ यह प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा।
समाज कल्याण मंत्री रवि इंद्राज ने भी इस पहल को जनआंदोलन बनाने की बात कही। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन सेवा भारती के दो हजार से अधिक कार्यकर्ता इस अभियान में जुटे हुए हैं।
कार्यक्रम में अपना घर आश्रम के संस्थापक डॉ. बी.एम. भारद्वाज, सेवा भारती दिल्ली के प्रमुख रमेश अग्रवाल तथा अभियान संयोजक सांवर्मल उपस्थित रहे।
डॉ. बी.एम. भारद्वाज के नेतृत्व में चल रहे इस महाअभियान में वीरपाल सिंह, अशोक मित्तल, रामपाल और विकास जैन सहित हजारों स्वयंसेवक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह केवल सेवा का अभियान नहीं, बल्कि समाज में “नर सेवा ही नारायण सेवा” की भावना को मजबूत करने का एक बड़ा प्रयास है।
