जांजगीर-चांपा, 17 जून । जिले में आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और त्वरित बनाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस ने आज बुधवार को डायल-112 कर्मचारियों की विशेष बैठक आयोजित की। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में पुलिस कार्यालय जांजगीर के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता डायल-112 के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने की।
बैठक में डायल-112 की विभिन्न इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को रिस्पांस टाइम में सुधार लाने, घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एएसपी उमेश कुमार कश्यप ने कहा कि डायल-112 की सबसे बड़ी पहचान उसका त्वरित रिस्पांस है। चोरी, सड़क दुर्घटना, मारपीट या अन्य किसी भी आपात स्थिति में पीड़ितों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सभी ईआरवी (इमरजेंसी रिसपांस वेहिकल) स्टाफ, जीवीके ड्राइवर, हाईवे पेट्रोलिंग टीम, डीसीसी प्रभारी तथा जीवीके मैनेजर उपस्थित रहे। इस दौरान एक नया संचालन नियम लागू करते हुए निर्देश दिया गया कि किसी भी इवेंट का निपटारा करने, आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने और एएसआर रिपोर्ट भरने के बाद ईआरवी को तुरंत अपने निर्धारित फिक्स प्वाइंट पर लौटना होगा। इससे अगले इमरजेंसी कॉल पर वाहन को तुरंत रवाना किया जा सकेगा और रिस्पांस टाइम में सुधार आएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण है और किसी भी इवेंट में अनावश्यक समय व्यतीत नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी कारणवश देरी होती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख रिकॉर्ड में करना होगा। साथ ही बिना अनुमति स्वयं से इवेंट तैयार करने पर भी रोक लगाई गई है।
बैठक में कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए साप्ताहिक कार्य रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई। सभी कर्मचारियों को डायल-112 डीसीसी के माध्यम से नियमित रूप से अपनी वीकली रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र के लिए अनुशंसित किया जाएगा, जबकि रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी कश्यप ने यह भी स्पष्ट किया कि डायल-112 की ईआरवी वाहनों को बिना किसी वैध कारण या इवेंट के थानों में खड़ा नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि डायल-112 पूर्णतः आपातकालीन सेवा है और इसे हर समय जनता की सहायता के लिए सक्रिय रहना चाहिए। इसके लिए तीनों शिफ्टों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हाईवे पेट्रोलिंग टीम को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान एमडीटी, डेस्क कैमरा और मोबाइल डिवाइस के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को अवरोधमुक्त रखने, गलत तरीके से खड़े वाहनों को तत्काल हटवाने तथा प्रत्येक इवेंट का निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डायल-112 वाहनों में लगे उपकरणों की सुरक्षा और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वाहनों में स्थापित सभी तकनीकी उपकरणों की जिम्मेदारी संबंधित ईआरवी स्टाफ की होगी। उपकरणों को नुकसान पहुंचने या अव्यवस्था पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
