शिरडी, एजेंसी:- राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को बीते दिन सिन्नर के गोंडे टोल प्लाजा पर रोके जाने पर बड़ा विवाद हो गया। टोल पर आधे घंटे रोकने पर मनसे के कार्यकर्ताओं ने गुस्से में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर अब खुद अमित मीडिया के सामने आए हैं और सफाई दी है।
अमित ठाकरे बोले- मेरे साथ हुआ अभद्र व्यवहार
टोल प्लाजा पर रोके जाने पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने कहा,
” मैं जब शिरडी घूमने आया, मेरी गाड़ी पर फास्टैग लगा था, लेकिन मुझे टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। जब मैंने रोकने का कारण पूछा तो टोल प्लाजा कर्मचारी मेरे साथ दुर्व्यवहार करने लगे। मैंने इस बारे में मैनेजर से बात की तो उसने भी मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया।”
ब्लैकलिस्टेड था फास्टैग
जानकारी के अनुसार, अमित ठाकरे जब समृद्धि एक्सप्रेसवे से शिरडी की ओर जा रहे थे, तो उनकी कार रात 9 बजे के करीब सिन्नर के गोंडे टोल प्लाजा पर पहुंची। यहां टोल पर बैरियर नहीं खुला, क्योंकि फास्टैग ब्लैकलिस्टेड था। हालांकि, मामला सुलझते ही अमित की कार को तीन मिनट में भेज दिया गया।
नेता को रोकने पर गुस्से में आए कार्यकर्ता
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के बेटे को टोल प्लाजा पर रोके जाने और ज्यादा इंतजार कराने से पार्टी के कार्यकर्ता नाराज हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा कर्मचारियों ने अमित ठाकरे को इंतजार करवाते हुए दुर्व्यवहार किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने गुस्से में टोल पर तोड़फोड़ कर दी।
टोल प्रशासन ने नहीं दर्ज की शिकायत
स्थानीय पुलिस के अनुसार, उनके पास टोल प्रशासन ने अभी तक कोई भी शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। प्रशासन इस बारे में बात करने से भी दूरी बना रहा है। उधर, पुलिस का कहना है कि वो मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी को देखकर आरोपियों पर कार्रवाई करेगी।
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