प्रयागराज में महाकुंभ आज रात महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर समाप्त हो जाएगा। 45 दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक महापर्व में अब तक 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ में कई प्रमुख हस्तियाँ भी शामिल हुईं। इनमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, विदेशी प्रतिनिधि, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री तथा कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं, जिन्होंने संगम में पवित्र डुबकी लगाई। हमारे संवाददाता ने बताया कि आज शाम 6 बजे तक 1 करोड़ 44 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
इस बार का महाकुंभ इतिहास में आध्यात्म और मानव समागम का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। महाशिवरात्रि के अवसर पर इस आयोजन की अंतिम डुबकी और भी खास हो गई। संगम में पवित्र डुबकी लगाने के बाद कई श्रद्धालुओं ने शहर के शिव मंदिरों में दर्शन किए। महाकुंभ मेला क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के एयर शो और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से घाटों पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा ने श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव दिया। यातायात व्यवस्था का भी सख्ती से पालन किया गया और अधिकारी एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र से स्थिति पर नजर रख रहे थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर श्रद्धालुओं, संतों और कल्पवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाकर पूरी दुनिया को राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण का संदेश दिया है।
महाकुंभ 2025 ने अपनी 45 दिवसीय यात्रा के माध्यम से दुनिया भर के लोगों को एक यादगार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा दी, जिसे अनगिनत वर्षों तक संजोकर रखा जाएगा।
इस बीच, रेलवे ने संगम में डुबकी लगाकर घर लौट रहे महाकुंभ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाशिवरात्रि की शाम प्रयागराज के विभिन्न स्टेशनों से 243 से अधिक आउटवर्ड ट्रेनें चलाईं । रेल मंत्रालय ने बताया कि इन ट्रेनों में 11.50 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। मंत्रालय ने बताया कि महाशिवरात्रि स्नान के बाद अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और प्रयागराज के पास अतिरिक्त रेक इस्तेमाल के लिए तैनात किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास होल्डिंग एरिया पूरी तरह चालू कर दिए गए हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार पूरे रेलवे परिचालन पर बारीकी से नजर रख रहे थे।
