विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज कहा कि भारतीय बैंकों और वित्तीय क्षेत्र के बीच घनिष्ठ संबंध भारत-मध्य एशिया आर्थिक संपर्क को मजबूत करेंगे। नई दिल्ली में भारत-मध्य एशिया व्यापार परिषद में बोलते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि मध्य एशियाई बैंकों द्वारा भारतीय बैंकों में विशेष रुपया वास्ट्रो खाते खोलने की दिशा में शुरुआत की गई है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यूपीआई के उपयोग के बारे में भी कुछ चर्चा हुई है। विदेश मंत्री ने भारत और मध्य एशिया के बीच संपर्क में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने व्यापार बास्केट में विविधता लाने और आर्थिक संबंधों में अधिक स्थिरता और पूर्वानुमेयता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने हवाई सेवाओं के विस्तार और पारगमन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता के बारे में भी बात की।
इस अवसर पर बोलते हुए कजाकिस्तान के विदेश मंत्री मूरत नूर्टलू ने कहा कि भारतीय व्यापार समुदाय नवाचारों में सबसे आगे है और सभी देशों के लिए सतत विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने के वैश्विक प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि कजाकिस्तान भारत के साथ अपने व्यापक संबंधों को गहरा करने और भारत के लिए एक विश्वसनीय, दीर्घकालिक साझेदार बनने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
किर्गिज गणराज्य के विदेश मंत्री झीनबेक कुलुबाएव ने कहा कि मध्य एशियाई देशों ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बनाई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच काफी संभावनाएं हैं और विश्वास जताया कि ऐसे मंचों में भागीदारी से अनुभवों के आदान-प्रदान और साझा आधार खोजने में मदद मिलेगी।
तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री राशिद मेरेदोव ने कहा कि उनका देश भारत को एक प्रमुख और आशाजनक साझेदार तथा एशियाई महाद्वीप में अधिक आधुनिक और प्रभावी भू-आर्थिक संरचना को आकार देने में एक आवश्यक भागीदार मानता है।
